Mission & Vision

 जय प्रकाश जनता दल 
देश की आजादी के छियासठ वर्षों।  के दौरान हमारे देश और समाज की समस्याएं बढ़ती ही गई हैं और साथ ही विश्व व्यवस्था में आए बदलावों ने कुछ नई चुनौतियों एवं आतंकवाद आदि को भी हमारे सामने रख दिया है। इस माहौल में लोकसभा चुनाव 2014 हमारे लिए एक अवसर लेकर आया है। हमारी पार्टी आपके समक्ष अपने सोच और कार्यनीति को रखती है। हम आशा करते हैं कि आपका रचनात्मक सुझाव और सहयोग हमारे  राजनीतिक इरादे को मजबूत करेगी और बदलाव के लिए सार्थक कदम उठाने को उत्साहित करेगी ।
जय प्रकाश जनता दल ही क्यों?
प्राय: सभी राजनीतिक दल आज़ादी के इतने वर्षों  के बाद भी बढ़ते हुए भ्रष्टाचार, अपराधीकरण, जातिवाद, साम्प्रदायिकता के लिए एक दूसरे को जिम्मेदार बताते हैं। तो क्या सभी राजनीतिक दल ही इसके लिए जिम्मेदार हैं। या इसके पीछे हम और हमारी व्यवस्था भी कुछ गंभीर दोषों की शिकार है। जैसे प्रथम लोकसभा चुनाव में पंद्रह करोड़ मतदाता थे और सांसदों की संख्या 545 थी। आज जब 80 करोड़ मतदाता हैं तब भी हमारे सांसदों की संख्या 545 ही है। वहीं सत्ता के विकेन्द्रीकरण का काम नये राज्यों के निर्माण व जिलों तथा पंचायती राज संस्थाओं के द्वारा कराने की कोशिश की गई। किन्तु सबसे महत्वपूर्ण प्रश्न, केंद्रीय सत्ता को ज्यों का त्यों रखा गया ऐसा क्यों? ऐसी चुनौतियों से निपटने तथा राष्ट्र के केंद्रीय सत्ता में भी भागीदारी बढ़ाने जैसे कई अन्य योजनाओं के लिए हमने जय प्रकाश जनता दल पार्टी का निर्माण किया है।


हमारी राजनीति और राष्ट्रनीति


एक समय वह था जब राष्ट्रनीति के तहत भारत के लौह पुरूष सरदार वल्लभ भाई पटेल ने विभिन्न रियासतों एवं जाति, धर्म, क्षेत्र में बटें भारत को एक करने का अद्भुत कार्य किया था। विशाल भारत के जनक सरदार पटेल ने गंभीर चुनौतियों का सामना किया। उस समय देश के हालात नाजुक थे, लगभग 562 देशी राजा-रजवाड़ों ने बगावत कर दी थी।  पर नीयत साफ हो तो परिणाम भी सकारात्मक होते हैं।  सरदार पटेल ने अपने अद्म्य साहस और दूरदृष्टि के तहत एक अखण्ड भारत की नीव डाली। वहीं आज के नेता या राजनैतिक दल भारत को धर्म, जाति, क्षेत्र के नाम पर तोड़ने में लगे हुए हैं। आज के नेता व्यक्तिगत स्वार्थ के लिए राजनीति कर रहें हैं।  देश की एकता, अखण्डता, संप्रभुता पर दुश्मनों का हमला होता है तो गंभीर हालात में भी विभिन्न राजनैतिक दल राजनीति करते हैं।  जय प्रकाश जनता दल इस तरह के कार्यों का घोर विरोध करता है और मांग करता है कि देश में एक ऐसी राष्ट्रनीति का निर्माण हो, जिससे देश की एकता, अखण्डता, संप्रभुता पर कोई वार करे तो देश के समस्त राजनैतिक दल मिल कर इसका सामना करें।
सामाजिक एवं वैचारिक बदलाव 
लोकनायक जय प्रकाश नारायण ने 1975 में एक नारा दिया था एक क्रांति फिर से हम जेपी के इस आदर्श और प्रखर मार्गदर्शन के द्वारा, सामाजिक, राजनीतिक बदलाव के लिए प्रतिबद्ध हैं। क्रांति का अर्थ सिर्फ अथर्हीन अराजकता या उपद्रव नहीं है। हम पूरी गंभीरता व धैर्य के साथ सामाजिक और वैचारिक बदलाव ला सकते हैं और एक सार्थक राजनीति की आधारशिला फिर से रख सकते हैं। व्यवस्था परिवर्तन हेतु गांधीवादी विचारधारा, जिसका सफल प्रयोग अफ्रीका और एशिया में हमें नेल्सन मंडेला और आन की सूं के संघर्ष-प्रमाण के रुप में मिलता है यह प्रेरणा हमारे लिए संघर्ष और बदलाव की आधारशिला है।
जय प्रकाश नारायण एक पथ-प्रदर्शक
जय प्रकाश जनता दल पूर्णत: जेपी नारायण के सिद्धांतो को अपना पथ-प्रदर्शक मानता है। जेपी अपने जीवन काल में विभिन्न राजनीतिक-आर्थिक विचारधाराओं से जुड़े तथा आजादी के आन्दोलन में सक्रिय रहे। मार्क्सवाद का भी उनपर गहरा प्रभाव था किन्तु मौलाना अबुल कलाम आजाद के संपर्क में रहते हुए उनके सोच में बदलाव आया कि पूंजीवाद ही  मात्र शोषण का पर्याय नहीं है। इस अनुभव से उन्होंने पूंजी और श्रम के बीच की दूरी को एक समाजवादी व्यवस्था के अंर्तगत लाकर कम करने का  रचनात्मक प्रयास किया। इसी प्रकार हमारी पार्टी जनता और सत्ता के बीच की दूरी को कम करने और बेहतर संवाद-समंवय स्थापित करने का काम कर रही है।

 जन-जागरूकता

एक महत्वपूर्ण क्षेत्र जो प्राय: राजनीतिक पार्टियों द्वारा उपेक्षित रहता है, वह है सरकार की विभिन्न नीति, जन-कल्याणकारी योजना, विकास व बदलाव के कार्यक्रम। यह क्षेत्र प्राय: आम जनता की आंखों से ओझल रहते हैं। अत: हमारी पार्टी एक पूरा कार्यक्रम बनाकर सामान्य जनता को इन नीतियों के प्रति जागरुक करने और लाभ दिलाने के लिए प्रोत्साहित करेगी।

सरकार व प्रशासन को संवेदनशील बनाना

सरकार के कार्ययोजना के अनुसार स्थानीय समस्याओं का निराकरण करना और स्थानीय समस्याओं, आकांक्षाओं के अनुसार सरकारी नीतियों का निर्माण और उसे लागू कराना ही हमारी प्राथमिकता है।

धर्म और जाति

हमारे व्यक्तिगत और सामाजिक जीवन में धर्म और जाति एक सच्चाई है और हम इसका सम्मान करते हैं। किन्तु विकलांग मानसिकता वाले, क्षुद्र स्वार्थों से भरे व्यक्ति देश की एकता अखण्डता और सामाजिक समरसता को तात्कालिक लाभ के लिए कमजोर करने में लगे हुए हैं जिसका हमारी पार्टी  घोर विरोध करती है। हम ऐसे विचारों और नीतियों को प्रोत्साहित करना चाहते हैं जिससे हमारी राष्ट्रीयता की भावना को बल मिले। साथ ही विभिन्न कारणों से उत्पीड़ित समूहों की रक्षा एवं सम्मान दिलाने की हमारी पहली प्राथमिकता रहेगी।

रोजगार और स्वरोजगार

हमारी विशाल आबादी को सम्मानजनक रोजगार तथा स्वरोजगार प्रदान करने हेतु गंभीर और सतत प्रयास जरुरी है। श्रम सघन उत्पादन संसाधनों के उपयोग हेतु स्थानीय स्तर पर स्वावलंबी संगठन का निर्माण तथा उत्पादन के प्रचार हेतु उचित और कारगर वितरण व्यवस्था करना हमारे उद्देश्यों में शामिल है। 

महिला सशक्तिकरण

माँ, बहन, बेटी और पत्नी के रूप में परिवार की जिम्मेदारियों से आगे बढ़ते हुए महिलाओं को समाज व राजनीति में आगे आना चाहिए, यही समय की मांग है। महिलाओं की रक्षा, सम्मान और गरिमा को भयमुक्त वातावरण देने के लिए एक सभ्य समाज का निर्माण करना होगा। देश में महिलाओं की बराबरी के हक़ में आवाज उठाने का कार्य जय प्रकाश जनता दल सदैव करता रहेगा। 
                                                            
पथ क्या पथिक की कुशलता क्या, जिस पथ में बिखरे शूल न हों। 
नाविक की धैर्य कुशलता क्या, जब धाराएं प्रतिकूल न हो॥  
                                                                
                                                                – जय हिन्द।